
रांची : झारखंड के आदिवासी युवा वर्ग के बीच मांदर और नगाड़ा का वितरण किया जायेगा। जनजातीय आबादी वाले इलाके में अखड़ा का निर्माण किया जायेगा। इसके लिए उपयुक्त स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है। ये बातें आज झारखंड सरकार के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने सिसई में आयोजित कार्तिक उरांव जयंती के मौके पर कहीं। बता दें कि इस कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी विकास परिषद की ओर से कार्तिक उरांव स्कूल सिसई में किया गया था। भारत सरकार के पूर्व मंत्री स्वर्गीय कार्तिक उरांव की आज 99वीं जयंती थी। इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि आदिवासी और आदिवासियत को बचाने के लिए हमें अपनी परंपरा, संस्कृति और भाषा को बचाकर रखना है। डॉ रामेश्वर ने कहा कि कहा कि लोग आपकी जमीन को हड़पने के लिए ताक लगाकर बैठे हैं। लेकिन ये जमीन आपकी भी नहीं है। आपके पूर्वजों ने आपको दी है। इसे हमको भावी पीढ़ी को सौंपना है, इसलिए इसे बचाकर रखना है।
संस्कृति बचाने की करेंगे पहल, वित्त मंत्री ने कहा कि हमें संस्कृति को बचाना है, शिक्षा को बढ़ाना है, जमीन को बचाना है, भाषा की रक्षा करनी है। जमीन अगर नहीं रहेगी तो आदिवासियत खत्म हो जाएगी। आदिवासी और आदिवासियत को बचाने के लिए हमें हमारी परंपरा, संस्कृति, भाषा बचाकर रखना है। उन्होंने कहा पिछले दिनों मैंने अपने क्षेत्र में मांदर, नगाड़ा बांटा। ताकि युवाओं को अपनी संस्कृति बचाने के लिए प्रेरित किया जा सके। हम सरकार को प्रस्ताव देंगे कि आने वाले दिनों में खासकर आदिवासी इलाके में अखड़ा बनाये जाएं। मांदर और नगाड़े बांटे जाएं। जिससे हमारी संस्कृति, हमारी धरोहर हमेशा संरक्षित रहे।
