झारखंड में सक्रिय है ISIS का स्लीपर सेल, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बन सकता है बड़ा खतरा

झारखंड में आतंक से जुड़े अलग-अलग वैश्विक संगठनों के स्लीपर सेल एक्टिव हैं। गोड्डा जिले से बुधवार को आईएसआईएस के 2 आतंकियों को गिरफ्तार किए जाने बाद यह चर्चा तेज हो गई है। इससे पहले हजारीबाग से भी आईएसआईएस के स्लीपर सेल को एनआईए द्वारा गिरफ्तार किया गया था। आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल का प्रदेश में इस कदर एक्टिव होना निश्चित रूप से गंभीर चिंता का विषय है। बता दें कि झारखंड में पहली बार वर्ष 2008 में अहमदाबाद और सूरत में सीरियल बम ब्लास्ट के बाद इंडियन मुजाहिदीन और सिमी नाम के आंतकी संगठन के स्लीपर सेल के एक्टिव होने की जानकारी मिली थी। कई गिरफ्तारियां भी हुई थी।

2013 में पटना ब्लास्ट के बाद हुआ था बड़ा खुलासा

हिन्दुस्तान अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2013 में पटना के गांधी मैदान में तब पीएम पद के उम्मीदवार रहे नरेंद्र मोदी की सभा में विस्फोट हुआ था तो उसमें इंडियन मुजाहिद्दीन के सीठियो मॉड्यूल का खुलासा हुआ था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने तब झारखंड में इंडियन मुजाहिद्दीन के स्लीपर सेल के खिलाफ गहन कार्रवाई की थी। अब राज्य में आईएसआईएस के स्लीपर सेल के एक्टिव होने की जानकारियां सामने आ रही है। मामले में एटीएस ने भी कार्रवाई की है।

इन 2 आतंकियों की गिरफ्तारी से हुआ ISIS मॉड्यूल का खुलासा

बता दें कि हाल ही में गिरफ्तार आरिज हुसैन और मो. नसीम की गिरफ्तारी के बाद आईएसआईएस की अलग-अलग मॉड्यूल के सक्रिय होने की जानकारियां सामने आई है। बताया जाता है कि ये स्लीपर सेल लगातार विदेशों में बैठे आतंकी संगठन से संपर्क में बने रहते हैं। उनको फंडिंग की जाती है।

फिलिस्तीन की आजादी के लिए रच रहे थे साजिश बताया जा रहा है कि गोड्डा से गिरफ्तार आईएसआईएस के 2 स्लीपर सेल की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि दोनों फिलीस्तीन की आजादी के संघर्ष में शामिल होने के लिए वहां जाने की प्लानिंग कर रहे थे। इसके अलावा स्थानीय युवाओं को भी आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के लिए झांसा दे रहे थे।

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