राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के किन्नर समाज को उसका अधिकार दे दिया है. लंबे समय से समाज में अपनी हिस्सेदारी के लिए संघर्ष कर रहे किन्नर/ट्रांसजेंडर समाज को आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने ओबीसी सूची के स्थान 46 में शामिल कर लिया है. अब राज्य के किन्नर/ट्रांसजेंडर समाज को भी पिछड़े वर्ग की तरह आरक्षण का लाभ मिलेगा.

नियुक्तियों, नामांकनों से लेकर सरकारी योजनाओ में उन्हें ओबीसी वर्ग के लिए तय आरक्षण सीमा का संपूर्ण लाभ दिया जाएगा. इसके अलावा कैबिनेट ने किन्नरों को मासिक 1000 रुपये पेंशन देने की भी स्वीकृति दे दी है. इसके लिए किन्नरों को मेडिकल रिपोर्ट देना होगा, जो उनके किन्नर होने का प्रमाण पत्र हो.किन्नर कम्युनिटी के लिए कई सुविधाएंजिन किन्नरों को कोई सरकारी सुविधा नहीं मिल रही है उन्हें ट्रांसजेंडर किन्नर, कोठार जेंडर के रूप में अधिसूचित किया जाएगा. किन्नर कम्युनिटी को पिछड़ी जाति के रूप में स्वीकृति मिली है. इन्हें ओबीसी के तहत सारी सुविधाएं मिलेगी. मुख्यमंत्री राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत ट्रांस डेंजर समुदाय के प्रति व्यक्ति को ₹1000 महीना पेंशन भी दिया जाएगा.इस फैसले के तहत ओबीसी आरक्षण का लाभ उन्हीं ट्रांसजेंडर को मिलेगा जो पहले से अन्य योजनाओं के लाभ या किसी जाति से ना जुड़े हों. झारखंड सरकार की कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने कैबिनेट में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए इसकी घोषणा की.

