नवादा : शहादत के 5 दिन बाद शहीद जवान चंदन कुमार का शव नवादा पहुंच गया। शहीद का शव नहीं पहुंचने पर परिजनों ने रविवार को गुस्से का इजहार किया था। शाम करीब चार बजे शहीद चंदन का पार्थिव जैसे ही नवादा स्थित पैतृक गांव पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोग उमड़ पड़े। पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद चंदन का अंतिम संस्कार किया गया। हिसुआ में शहीद चंदन का शव देख कई पुराने साथी रो पड़े।
वारसलिगंज थाना क्षेत्र के नारोमुरार गांव निवासी मौलेश्वर सिंह के बेटे चंदन कुमार 21 दिसंबर को पुंछ के आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। आतंकियों के इस हमले में कुल पांच जवान शहीद हुए थे। चंदन कुमार की पार्थिव देह नवादा के वारिसलीगंज लाने का परिवार 5 दिन से इंतजार कर रहा था। शहीद चंदन के पार्थिव शरीर को सबसे पहले हेलिकॉप्टर के जरिए गया एयरपोर्ट लाया गया।
यहां से सड़क मार्ग से पैतृक गांव ले जाया गया। इधर, शहीद चंदन के पार्थिव शरीर के साथ सैन्य जवानों का काफिला चल रहा था। इस दौरान नवादा का प्रारंभिक सीमा तुंगी के पास एसडीएम, एसडीपीओ सहित पुलिस जवान उपस्थित थे। शहीद चंदन की अंतिम यात्रा के दौरान अलग-अलग जगहों पर लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद के जमकर नारे लगे।
चंदन साल 2017 में आर्मी में शामिल हुए थे। वे 89 आर्म्ड रेजिमेंट के जवान थे। चंदन की शादी साल 2022 में ही हुई थी। घर में उनकी पत्नी, माता-पिता और दो भाई हैं। पिता मौलेश्वर सिंह किसान हैं। छोटे भाई अभिनंदन कुमार की गांव में ही किराना की दुकान है। बड़े भाई प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। चंदन की प्राथमिक शिक्षा गांव में ही हुई थी।
