झारखंड कैबिनेट : 688 करोड़ की लागत से बोकारो में बनेगा 500 बेड का मेडिकल कॉलेज, ग्रेड पे में संशोधन सहित पढ़िए अन्य फैसले

रांची : हेमंत कैबिनेट की बैठक खत्म हो गयी है। बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी है। बैठक आरक्षण के संदर्भ में बड़ा फैसला लिया गया है। आज बैठक में 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति को लेकर चर्चा नहीं हुई। हालांकि पहले ये चर्चा थी कि सत्र के दौरान सरकार इस मुद्दे पर विधेयक ला सकती है। जिन एजेंडों को कैबिनेट की मुहर लगी है, उसमें दो दर्जन से ज्यादा प्रस्ताव शामिल हैं। झाऱखंड औद्योगिक व निवेश प्रोत्साहन नीति में संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

कार्मिक विभाग के झारखंड पदों और सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण नियम 2001 में संशोधन विधेयक को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके तहत गृह कारा एवं आपदा विभाग में सरकारी नौकरी में आंदोलनकारियों के एक आश्रित को पांच प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला आज लिया गया है। राज्य सरकार की तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नियुक्तियों में यह प्रावधान लागू होगा। झारखंड पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण के लिए अधिनियम, 2001 में संशोधन किया गया है।

कैबिनेट की बैठक में बोकारो में 500 बेड का नया मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निर्माण पर भी सहमति बनी है। 688 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से इसका निर्माण होना है। आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में संबंधित प्रस्ताव पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है। वित्त विभाग के प्रस्ताव पर आज कैबिनेट ने नियोजन पदाधिकारी के पद के लिए वेतनमान और ग्रेड में संशोधन पर मुहर लगायी गयीउच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद के नये विश्वविद्यालय परिसर के लिए 77 करोड़ रुपये कैबिनेट ने मंजूर किये हैं।

वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए महालेखाकार की रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृत किया।झारखंड संयुक्त सिविल सर्विस परीक्षा नियम 2021 में संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। झारखंड विधानसभा में हुई नियुक्ति में भ्रष्टाचार के मामले में हुई जांच रिपोर्ट कोलेकर भी कैबिनेट में फैसला हुआ है। छत्तीसगढ़ में साइन नेशनल विश्वविद्यालय(shine university) विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी दी गयी।

कैबिनेट ने प्रज्ञान नेशनल विश्वविद्यालय विधेयक 2023 को निरस्त करने पर मुहर लगायी है। इस यूनिवर्सिटी को 2016 में अनुमति मिली थी। इसके बाद विश्वविद्यालय ने आगे कोई भी काम नहीं किया, जिसके बाद निरस्त करने का आदेश कैबिनेट ने दिया है |

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