आपको ज्योति मौर्य याद है? …

आप सोच रहे होंगे कि करीब सालभर बाद ज्योति मौर्य का जिक्र क्यों हो रहा है? तो उसका कारण ये कि एक और ऐसा ही मामला यूपी के झांसी से सामने आया है, जहां एक पति ने खूब मेहनत से अपनी पत्नी को पढ़ाया लिखाया, उसे लेखपाल बनाया और सरकारी नौकरी मिलते ही पत्नी ने पति को बोले दिया- तेरा मेरा क्या मेल?

आरोप है कि लेखपाल बनने के बाद पत्नी अपने पति को पहचानने तक से ही इनकार कर रही है। नौबत यहां तक आ गई है कि ओरछा मंदिर में जिस शख्स के साथ पत्नी ने 7 फेरे लिए, अब पत्नी उन सात फेरों को भी अवैध बता रही है।
पति पेशे से एक बढ़ई यानी कारपेंटर है, उसने अपनी कमाई और मेहनत से पत्नी के आगे पढ़ने की इच्छा को अपनी जिम्मेदारी समझ कर उसका साथ दिया, उसे पढ़ाया लिखाय, जब पत्नी उसकी लेखपाल बन गई, तो उसने अपने पति को यह सोचकर छोड़ दिया कि उसका पति बढ़ई है और वो लेखपाल.. तो ऐसे में समाज में लोग क्या कहेंगे…
पांच साल पहले शुरू हुई प्रेम कहानी
दरअसल इस कहानी की शुरुआत आज से 5 साल पहले से होती है, जब नीरज नाम के एक शख्स की मुलाकात अपने दोस्त के जरिए ऋचा नाम की एक लड़की से हुई। कुछ ही दिनों में दोनों की मुलाकात प्यार में बदल गई। इस दौरान ऋचा अक्सर यह कहती थी कि उसे आगे पढ़ाई करनी है, अधिकारी बनना है।
अब नीरज ने भी ऋचा को अधिकारी बनाने के लिए दिन रात मेहनत करना शुरू कर दी। साल 2022 में उत्तर प्रदेश सरकार ने लेखपाल की भर्ती निकाली। नीरज का आरोप है कि
उसने शादी से पहले और शादी के बाद ऋचा का पढ़ाई में खूब साथ दिया। ऋचा की पढ़ाई पर खूब पैसे खर्च किए दिन-रात बढ़ई गिरी का काम किया। कोचिंग से लेकर घर में होने वाली पढ़ाई में अक्सर नीरज ऋचा का साथ देता था। कोचिंग छोड़ने जाता था, कोचिंग से लेकर आता था।
2022 में नीरज और ऋचा ने मंदिर में की शादी
6 फरवरी 2022 को ऋचा और नीरज ने आपस में ओरछा के मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद ऋचा पति नीरज के साथ हंसी खुशी रह रही थी और लेखपाल की परीक्षा देने की तैयारी कर रही थी। किस्मत ने भी ऋचा का साथ दिया और लेखपाल की परीक्षा ऋचा ने पास कर ली।
जब थाने में हुआ ऋचा और नीरज का आमना-सामना
ऋचा और नीरज का जब आमना सामना हुआ, तो शायद नीरज को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसे ये सब सुनने को मिलेगा। पुलिस के सामने ऋचा ने नीरज को पहचानने तक से इनकार कर दिया और साफ-साफ कह दिया कि तेरा मेरा कोई मेल नहीं है। ये सुनकर नीरज के पैरों की जमीन ही खसक गई।
इतनी ही नहीं ऋचा ने ओरछा मंदिर में लिए गए सात फेरों को भी अवैध बता दिया। नीरज की। GRS की शिकायत का डिस्पोजल करने के बाद पुलिस ने ऋचा को उसके माता-पिता के साथ घर भेज दिया।
हालांकि, नीरज ने उम्मीद नहीं हारी। इसके बाद 10 जुलाई 2024 को वो दिन आया, जब लेखपाल भर्ती में पास हुए कैंडिडेट्स को अप्वाइंटमेंट लेटर मिलना था।
बाहर खड़ा इंतजार करता रहा नीरज, पीछे से निकल गई ऋचा
नीरज को भी ये मालूम था और इसी आस में कि शायद ऋचा मान जाएगी, वो भी कलेक्ट्रेट के सभागर में पहुंच गया, जहां विधायक के हाथे से नए लेखपालों को सर्टिफिकेट मिलना था और इसमें भी ऋचा भी शामिल थी।
नीरज सभागर के मेन गेट के बाहर कार्यक्रम खत्म होने का इंतजान करता रहा और ऋचा अपने सर्टिफिकेट लेकर पीछे के दरवाजे से निकल कर अपने घर चली गई।
